अब होंगे सपने साकार भाग - 27
अब होंगे सपने साकार भाग -27 जब किस्मत साथ न दे तो... जिन्दगी के तजुर्बे ने एक बात सिखाई है कि सबसे गहरी चोट किसी अपने ने ही पहुँचाई है। मेरे अपनों ने ही सिखाया है कि कोई अपना नहीं होता। मैंने अच्छा बनकर भी देखा है, लोग तब भी बुरा ही कहते हैं। कुछ चीजें अकड़ की वजह से नहीं, बल्कि आत्म सम्मान के लिए छोड़नी पड़ती है। आप रिश्ते बनाकर भी क्या कर लोगे, जब सामने वाले का इरादा ही न हो निभाने का? अगर वो आपके बिना खुश है, तो उसको खुश ही रहने दो। जब किस्मत साथ न दे, तो समझ लेना सिर्फ आपकी मेहनत ही आपका साथ देगी। तुम जितना ज्यादा ईमानदार सच्चे और सरल हो जाओगे, उतने ज्यादा ठगे जाओगे, उतने ज्यादा धोखे खाओगे। जिसका वक्त खराब है उनका साथ जरूर दो, जिसकी नियत खराब है उससे दूर रहना ही बेहतर है। ज़िन्दगी छोटी नहीं होती लोग जीना ही देर से शुरू करते हैं। जब तक रास्ते समझ आते हैं तब तक लौटने का वक्त हो जाता है। सफलता पा लेना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन सफलता को सम्भाले रखना बहुत बड़ी बात है। ताश का जोकर अपनों की ठोकर अक्सर पूरी बाजी ही घुमा देती है। कोई भी यहाँ आपका स्थायी साथ देने वाला नहीं है। अगर ज़ि...