अब होंगे सपने साकार भाग - 18
अब होंगे सपने साकार भाग -18 सच्चे रिश्तों को धोखा मत दो जरूरी नहीं कि अच्छी बातें बताने वाला हर इंसान अच्छा ही हो, आजकल साजिश रचने वाले भी बहुत मीठा बोलते हैं। चालाकी, चतुराई और छल-कपट के मिश्रण को ही आजकल के जमाने में होशियारी कहते हैं। माना कि रिश्तों का मर जाना बुरा है, पर उससे भी बुरा है, झूठे रिश्तों को जिंदा रखना। सच्चे रिश्तों को कभी धोखा मत दीजिए, अगर आपको पसंद न आये तो उसका वहीं छोड़ दीजिए। हम रिश्ता सबसे रखते हैं, लेकिन अब उम्मीद किसी से नहीं रखते। साँप के दाँत में, बिच्छू के डंक में और इंसान के मन में कितना जहर भरा है, कोई नहीं बता सकता। नारा बनाने वाले ने थोड़ी कोशिशों और किस्मतों जोड़कर इंसान थोड़े कम और इंसानियत थोड़ी ज्यादा बनाई होती। रंग छोड़ने कपड़े और रंग बदलते लोग, कितने भी महंगे क्यों न हों, दिल से उतर ही जाते हैं। जब भी आप खुद को टूटा हुआ महसूस करें तो घबराना मत, ऊपर वाला आपका इस्तेमाल किसी बड़ी चीज़ के लिए कर रहा है। कभी-कभी फासले-फासले नहीं होते, कुछ नज़दीकियाँ-नज़दीकियाँ नहीं होती। कोई दूर बैठकर आपकी सिसकियाँ सुन लेता है और कोई आपका हाथ...