अब होंगे सपने साकार भाग -24
अब होंगे सपने साकार भाग -24 भरोसा एक शीशे की तरह है भरोसा एक शीशे की तरह है, एक बार टूट जाए फिर दोबारा वैसा करना बहुत मुश्किल है। सब लोग कहते हैं ज़िंदगी में कभी अकेले खुश नहीं रह सकते पर मेरा अनुभव है ज़िंदगी में अकेलापन हमें, ज़िंदगी कैसे जीते हैं और ज़िंदगी जीने का सही मतलब सिखाता है। चाहे जितने गम हों जीवन में मुस्कुराना फिर भी पड़ता है, यह दुनिया है दिखावे की यहाँ दिखावा करना पड़ता है। गलती उस इंसान की नहीं जो तुम्हें छोड़कर चला गया गलती तो तुम्हारी है जो आज भी उसका इंतजार कर रहे हो। रिश्ते बरकरार रखने की सिर्फ एक ही शर्त है, किसी की कमियाँ नहीं अच्छाइयाँ देखें। उम्र भर कमाया पैसा खत्म हो सकता है, लेकिन जो दुआएँ सेवा करने से मिलेंगी वो कभी खत्म नहीं हो सकतीं। मुझे किसी से कोई शिकवा नहीं, गलती मेरी ही थी जो मैंने इतना भरोसा किया। लोग कहते हैं जो दर्द देता है वही दवा देता है पता नहीं इन फ़िज़ूल की बातों को कौन हवा देता है। अपना हिस्सा कभी माँग कर देखो, सारे रिश्ते बेनकाब हो जाएँगे और अपना हिस्सा कभी छोड़कर देखो सारे काँटे गुलाब हो जाएँगे। पढ़ने में सेकण्ड लगता है, सोचने में मि...