अब होंगे सपने साकार भाग -11
अब होंगे सपने साकार भाग -11 प्रेम ही जीवन है प्रेम जीवन का महामंत्र है। परिवार और समाज तो क्या यह पूरी दुनिया को वश में करने की ताकत रखता है। यही वह मंत्र है जिससे अपने तो अपने रहते ही हैं, पराये भी अपने हो जाते हैं। नफरत की दुनिया की बातें करने वाले लोग आतंक को बढ़ावा देते हैं। वही प्रेम का पैगाम देने वाले लोग अहिंसा और विश्व शांति को जीवित रखते हैं। जियो और जीने दो प्रेम का ही विस्तार है। प्रेम इंसानियत का यह पाठ पढ़ाता है कि आप खुद भी प्रेमपूर्वक जियो और सबको भी प्रेम से जीने का अधिकार दो। किसी का जीवन छीनने का पाप कभी मत करो। प्रेम की महिमा अनंत है। इसी प्रेम के वश होकर राम ने शबरी के बेर खाए थे। कृष्ण ने विदुरानी के केले के छिलके ग्रहण किए थे। महावीर ने चंदनबाला के उड़द के बाकले (छिलके) स्वीकार किये थे। नकली धनवानों का परिचय है खोखा और पेटी, असली धनवान तो वही है, जिसके घर में मुस्कुराए बड और बेरी। हो सकता है बिना चीनी की चाय किसी को अच्छी लग सकती है, पर बिना प्रेम का जीवन तो खुद ज़िंदगी को ही नीरस बना देता है। जिसके घर में प्रेम का संचार नहीं, समझो वह घर नहीं, श्मशान है। प्र...