जन-जन के संत भाग - 49
जन-जन के संत भाग - 49 भक्त को वतन ले आई गुरुकृपा श्रीमती राजेश जैन, चाँदनी हार्डवेयर सागर म.प्र., के पूरे परिवार की पूज्य गुरुदेव जनसंत विरंजन सागर जी महाराज के प्रति विशेष भक्ति रही है। परिवार की मुखिया श्रीमती राजेश जैन जी लगभग 64 वर्ष की आयु में पूर्ण धर्म ध्यान का पालन करती हुई अपनी बेटी के पास अमेरिका गईं, किन्तु प्रकृति के आकस्मिक प्रकोप से कोरोना बीमारी ने दूरस्थ देशों की आवागमन सुविधाएं, हवाई यात्रा आदि तत्काल प्रभाव से बन्द कर दी। ऐसे में विदेश में अपने देश और परिवार की याद आना स्वाभाविक है। 6 महीने से ज्यादा हो गए परदेश में, गृहनगर सागर में स्थित नन्ही नातिन की याद आने लगी। शासकीय स्तर पर आवागमन की आपातकालीन व्यवस्थाओं के अंतर्गत एक सूची तैयार कर यात्रियों को स्वदेश लाने की जवाबदारी भारत सरकार ने ली। शुरू की तैयार सूचियों में नाम नहीं आने से जब गुरुभक्त श्रीमति राजेश जी का मन बेचैन हुआ, तो एक ही उम्मीद जगी और अपने तारणहार गुरुदेव विरंजन सागर जी तक खबर पहुंचाई। गुरुदेव ने भक्त की पीड़ा जानते हुए परिवार जनों से कहा - इस हफ्ते माँ सकुशल हिंदुस्तान आ जायेंगी। और यह चमत...