जन-जन के संत भाग - 31

 जन-जन के संत  भाग - 31

 

निर्यापक ज्येष्ठ मुनि श्री 108 समय सागर जी (वर्तमान नवाचार्य) के साथ प्रवचन

छतरपुर के पास एक छोटी-सी जगह है बाजना, जहाँ आप अपनी देशना कर रहे थे। तभी वहाँ से विहार करते हुए संत शिरोमणि आचार्य गुरुदेव विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य निर्यापक मुनि श्री समय सागर जी ससंघ पधारे।

ज्येष्ठ मुनि समय सागर जी के दर्शन को आपके कदम यूँ बढ,़े जैसे भक्त को भगवान के दर्शन हुए हों, और पूज्य समय सागर जी ने आपकी गुरु भक्ति और आचार्य महाराज के प्रति श्रद्धा देखकर वहाँ के प्रवचन स्थल पर एक ही मंच पर आपको विराजमान कर एक साथ प्रवचन किये। समस्त आचार्यों, समस्त संघ के ज्येष्ठ साधुओं के प्रति आपका समर्पण भक्ति हम सबको प्रेरणा देती है।

यही आपकी सोच है, साधु रूप आराध्य,

ज्येष्ठ श्रेष्ठ की वंदना, मिल जाये सौभाग्य।

लेखक कवि डॉ. अखिल जैन आनंद

सागर (म.प्र.)

मो. 91 93009 34766

क्रमशः

।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

द्वारा -सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

विनम्र निवेदन

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