अब होंगे सपने साकार भाग -5

अब होंगे सपने साकार भाग -5


बच्चों को कार नहीं संस्कार दीजिए 

  • जब हम औरों के काम आते हैं, तो ईश्वर के काफी करीब होते हैं।

  • आप जीवन में इतनी ऊँचाइयाँ अवश्य छू लें कि लोग आपके माता पिता से पूछें कि आपने ऐसे क्या पुण्य किये, जो आपकी इतनी अच्छी संतान हुई।

  • रिश्ते को रिसने मत दीजिये, दूब को हरा रखने के लिए पानी डालना पड़ता है और रिश्तों को मिठास भरा बनाने के लिये प्रेम समर्पित करना होता है।

  • बच्चों को कार नहीं संस्कार दीजिए। इससे आपका गौरव बढ़ेगा और बच्चे बेहतर नागरिक बनेंगे।

  • मंदिर में हम आधा घंटा रहते हैं, पर घर में हम 24 घंटे रहते हैं। अपने धर्म की शुरुआत घर से कीजिए। घर में मंदिर नहीं, घर को ही मंदिर बना लीजिए।

  • हाथ का उपयोग मेंहदी के लिए नहीं, मेहनत के लिए कीजिये। मेंहदी का रंग कुछ दिन में फीका पड़ जाता है, पर मेहनत का रंग जीवन भर परिणाम दिया करता है।

  • जीवन में विपत्ति आना पार्ट ऑफ़ लाइफ है, विपत्ति में भी मुस्कुरा कर शांति से बाहर निकलना आर्ट ऑफ़ लाइफ है।

  • लोग कहते हैं जब कोई अपना दूर चला जाता है, तो तकलीफ़ होती है, परंतु प्रकृति का नियम है सूर्य भी एक समय के बाद अस्त हो जाता है अतः घबरायें नहीं धैर्य रखें।

  • बड़ी सोच के साथ दो भाई 40 साल तक साथ रह सकते हैं। वहीं छोटी सोच उन्हीं भाईयों को 40 मिनिट में अलग कर सकती है। भाई के प्रति हमेशा बड़ी सोच रखिये क्योंकि दु:ख-दर्द में वही आपका सबसे अच्छा मित्र साबित होगा।

रचयिता - परम पूज्य जनसंत उपाध्याय श्री 108 विरंजन सागर जी महाराज

क्रमशः

।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

द्वारा -सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

विनम्र निवेदन

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