जन-जन के संत भाग -30

 जन-जन के संत  भाग - 30

 

आचार्य भगवन विद्यासागर जी महाराज के प्रति अटूट आस्था

वर्ष 2016 में आप मुनि अवस्था में अपनी देशना करते हुए बुन्देलखण्ड में थे। तभी महातीर्थ कुंडलपुर में संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की देशना चल रही थी। आचार्य भगवन को निकट देख आपने अपने कदम तुरन्त उनके दर्शन को कुंडलपुर की और बढ़ाये और पूर्ण भक्ति भाव से आचार्य भगवन के दर्शन कर उनके साथ पूरे संघ का मंगल आशीष प्राप्त किया।

आचार्य भगवन के साथ बिताए चंद समय में आपके द्वारा आगम से जुड़े कुछ प्रश्नों पर आचार्य गुरुदेव द्वारा मुस्काकर उनका उत्तर दिया गया। आचार्य महाराजों के प्रति आपका यह आदर, समर्पण और भक्ति आपको विशेष बनाती है। आचार्य भगवन के प्रति आपकी अटूट आस्था का परिणाम है कि आप सदैव उनकी धर्मदेशना, चर्या से प्रभावित होकर उनके बतलाये मार्ग का अनुसरण करते हैं तथा उनकी जन्म जयंती व विशेष दिवसों को समाज से उत्साहपूर्वक मनवाते हैं।

 आचार्यों की वंदना, आदर अरु सत्कार

 है विशेषता आपकी, यही सुयश का सार।

लेखक कवि डॉ. अखिल जैन आनंद

सागर (म.प्र.)

मो. 91 93009 34766

क्रमशः

।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

द्वारा -सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

विनम्र निवेदन

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