जन-जन के संत भाग - 29
जन-जन के संत भाग - 29
सर्वधर्म समभाव सम्मेलन
धर्म धरा पर यूँ तो संत बहुत होते हैं, सभी के द्वारा की जा रही धर्म देशना भी निश्चित रूप से समाज का कल्याण करती है, किन्तु जैन समाज के साथ सर्व मानव समाज के कल्याण की सोच और उद्देश्य आपको सर्व संतों में विशिष्ट बनाती है।
वर्ष 2006 में डबरा ग्वालियर में समस्त हिन्दू समाज के संतों के साथ सर्व धर्म समभाव का उद्देश्य लेकर एक विशाल सम्मेलन किया गया। जिसमें हिन्दू समाज के विभिन्न संतो के साथ एक ही मंच से आपके विशेष प्रवचन हुए, जिसमे आपने सम्पूर्ण मानव जाति के कल्याण की बात करते हुए अहिंसा और सत्य धर्म का जयघोष किया, जिसकी प्रेरणा से बहुत लोग प्रभावित हुए।
सर्व साधारण तक ने जैन दर्शन की महत्त्व को जाना। जिसकी सराहना वहां मौजूद प्रबुद्ध जनमानस और अन्य हिन्दू संगठनों तथा सर्व धर्मों के संतों द्वारा की गई। यह आपकी विशेष सकारात्मक सोच और नवाचार की सुवृत्ति है, जो सदा ही मानव जाति को कल्याण का मार्ग दिखाती है।
हुई सभा तो कर लिया, सबने यह स्वीकार
जिन दर्शन है विश्व का, मंगलमय आधार।
लेखक कवि डॉ. अखिल जैन आनंद
सागर (म.प्र.)
मो. 91 93009 34766
क्रमशः
द्वारा -सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
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