जन-जन के संत भाग - 60
जन-जन के संत भाग - 60
आँगन में गूंजी किलकारी...
श्रीमती क्रांति जैन पति श्री अखिलेश जैन शास्त्री रामटोरिया, जिला छतरपुर के निवासी हैं। वर्ष 2011 की बात है। विवाह के काफी समय बाद भी संतान नहीं हो रही थी। बहुत से चिकित्सकों से परामर्श उपचार लिया पर कोई फायदा नहीं हुआ।
झांसी की एक महिला चिकित्सक द्वारा पूर्ण जांच करने पर यह कह दिया गया कि आप दोनों कभी माँ-पिता नहीं बन पाएंगे। यह सुनकर जैसे आँखों के सामने अंधेरा छा गया।
आँखों में अश्रु भरे थे, हृदय में घोर पीड़ा। निराश मन से वापिस घर आ गए, तब याद आई अपने आराध्य गुरुदेव विरंजन सागर जी की, जो उस वक्त पूज्य आचार्य विरागसागर जी के साथ सोनागिरी में धर्म प्रभावना कर रहे थे। दोनों दंपति अपनी परेशानी लेकर पूज्य गुरुदेव विरंजन सागर जी के पास पहुंचे और कहा - यूँ लग रहा है जैसे परिवार में कोई खुशीही नहीं है।
गुरुदेव ने उनकी पीड़ा देख एक जाप देकर आशीष दिया और कहा - घबराओ नहीं, घर जाओ।
श्रद्धा में भगवान होता है। पूर्ण श्रद्धा से वे दोनों गुरु की बताई जाप करने लगे और चमत्कार ही हुआ। तीन महीने बाद प्रसन्नता के आंगन में किलकारी ने दस्तक दी और पूरे 9 महीने बाद लक्ष्मी रूपी कन्या ने जन्म लेकर घर आंगन के साथ मन आंगन में खुशियां भर दीं। पूरे परिवार की प्रसन्नता का ठिकाना नहीं था। अखिलेश जी बताते हैं - गुरु की इस कृपा ने हमारे जीवन मे जो अहसान किया है वह कभी न चुका पाएंगे। गुरुदेव हमारे भगवान हैं। हम उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं।
बीमारी गायब हुई, जब करवाई जाँच,
संकटमोचक हैं गुरु, साँच को कैसी आँच।
लेखक कवि डॉ. अखिल जैन आनंद
सागर (म.प्र.)
मो. 91 93009 34766
क्रमशः
द्वारा -सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
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