जन-जन के संत भाग - 54
जन-जन के संत भाग - 54
गुरुकृपा से ठीक हुआ असाध्य रोग...
हिसार हरियाणा निवासी श्री पीयूष गोयल परम् मुनि भक्त हैं। उनके पिता श्री गम्भीर बीमारी से अस्पताल में भर्ती थे। चिकित्सकों द्वारा समस्त जांच परीक्षण उपरांत जब स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो चिकित्सकों ने कहा -अब कुछ नहीं किया जा सकता। आप लोग पिता जी को घर ले जाएं। अब ठीक होने की कोई भी उम्मीद शेष नहीं है।
ऐसे में पीयूष जी रोते हुए जनसंत विरंजन सागर जी के पास गए और गुरुदेव को पूरी कहानी सुनाई। पिता जी के स्वास्थ्य सुधार हेतु विनती की। गुरुदेव ने अपने भक्त को सम्बल देते हुए कमंडल का पानी दिया और कहा कि जाओ और णमोकार मन्त्र पढ़कर पिताजी के मुँह में यह पानी डालो। पानी मुंह में जाते ही चमत्कार हुआ।
पूरे दो दिवस बाद पिताजी स्वस्थ्य होकर घर वापिस आ गए। इसे श्रद्धा कहें या गुरु कृपा या कोई चमत्कार। पर भक्त की खुशी का ठिकाना तो वही जान सकता है। यह है गुरु की असली कृपा।
अचरज कितना हम करें, अतिशय गुरु का देख।
गुरुकृपा से मिट गये, अशुभ कर्म के लेख।।
लेखक कवि डॉ. अखिल जैन आनंद
सागर (म.प्र.)
मो. 91 93009 34766
क्रमशः
द्वारा -सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
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