अब होंगे सपने साकार भाग - 27

 अब होंगे सपने साकार भाग -27

जब किस्मत साथ न दे तो...
  • जिन्दगी के तजुर्बे ने एक बात सिखाई है कि सबसे गहरी चोट किसी अपने ने ही पहुँचाई है। मेरे अपनों ने ही सिखाया है कि कोई अपना नहीं होता।

  • मैंने अच्छा बनकर भी देखा है, लोग तब भी बुरा ही कहते हैं।

  • कुछ चीजें अकड़ की वजह से नहीं, बल्कि आत्म सम्मान के लिए छोड़नी पड़ती है।

  • आप रिश्ते बनाकर भी क्या कर लोगे, जब सामने वाले का इरादा ही न हो निभाने का? अगर वो आपके बिना खुश है, तो उसको खुश ही रहने दो।

  • जब किस्मत साथ न दे, तो समझ लेना सिर्फ आपकी मेहनत ही आपका साथ देगी।

  • तुम जितना ज्यादा ईमानदार सच्चे और सरल हो जाओगे, उतने ज्यादा ठगे जाओगे, उतने ज्यादा धोखे खाओगे।

  • जिसका वक्त खराब है उनका साथ जरूर दो, जिसकी नियत खराब है उससे दूर रहना ही बेहतर है।

  • ज़िन्दगी छोटी नहीं होती लोग जीना ही देर से शुरू करते हैं। जब तक रास्ते समझ आते हैं तब तक लौटने का वक्त हो जाता है।

  • सफलता पा लेना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन सफलता को सम्भाले रखना बहुत बड़ी बात है।

  • ताश का जोकर अपनों की ठोकर अक्सर पूरी बाजी ही घुमा देती है।

  • कोई भी यहाँ आपका स्थायी साथ देने वाला नहीं है। अगर ज़िन्दगी में आगे बढ़ना चाहते हो तो अकेले चलना सीख लो।

  • जहाँ आदर नहीं वहाँ जाना मत, जो सुनता नहीं उसे समझाना मत। जो पचता नहीं उसे खाना मत, और जो सच बोलने पर भी रूठ जाए उसे कभी मनाना मत।

  • अज्ञानी होना उतनी शर्म की बात नहीं है जितना सीखने की इच्छा न रखना होता है।

  • जो व्यवहार आपको दूसरों से पसंद न हो वैसा व्यवहार आप भी दूसरों के साथ न करें।

 रचयिता - परम पूज्य जनसंत उपाध्याय श्री 108 विरंजन सागर जी महाराज

।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

द्वारा -सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

विनम्र निवेदन

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धन्यवाद

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