अब होंगे सपने साकार भाग - 25
अब होंगे सपने साकार भाग -25
आजकल लोगों से दूर रहना ही अच्छा है, क्योंकि ये दुनिया सच में दुनिया ही है।
कभी-कभी लाइफ में ऐसी सिचुएशन भी आ जाती है जहाँ कोई बात करे तो भी ठीक और न बात करे तो भी ठीक।
ये ज़माना वहाँ पहुँच गया है, जहाँ कपड़े महंगे और इंसान दो कौड़ी का हो गया है।
याद रखना अगर दूसरों से उम्मीद रखोगे, तो हार जाओगे और खुद से उम्मीद रखोगे, तो जीत जाओगे।
लोग तो नाम तक भूल जाते हैं जब उनका आपसे काम निकल जाता है।
उन लोगों के सामने हमेशा खुश रहो जो आपको पसंद नहीं करते क्योंकि आपकी खुशी उन्हें चैन से जीने नहीं देगी।
अच्छी सूरत से ज्यादा मायने अच्छा स्वभाव रखता है। सूरत तो उम्र के साथ बदल जाती है पर अच्छा स्वभाव ज़िन्दगी भर आपका साथ देगा।
इतिहास टकराने वालों का लिखा जाता है, तलवे चाटने वालों का नहीं।
ज़माना उस मोड़ पर आ गया है जिस इंसान की दिल से मदद की, सोचो वही इंसान पीछे से वार कर देता है।
इंसान तब बुरा बनने के लिए मजबूर हो जाता है जब लोग उसकी अच्छाई का फायदा उठाने लगते हैं।
आजकल रिश्तों को जोड़े रखने के लिए कभी अंधा, कभी बहरा, कभी गूँगा भी बनना पड़ता है।
मुझसे नफरत तभी करना जब मेरे बारे में सब कुछ जान जाओ तब नहीं जब किसी और से सुना हो।
कभी सोचिए कि खुद को बदलना कितना मुश्किल है, फिर दूसरों को बदलना कैसे आसान हो सकता है।
किसी ज़माने में एक दूसरे के पांव के काँटे निकाले जाते थे। अब तो एक दूसरों की राह में काँटे बिछाये जाते हैं।
डरने वालों को ही लोग डराते हैं आप थोड़ी हिम्मत दिखाओ तो अच्छे अच्छे सर झुकाते हैं।
रचयिता - परम पूज्य जनसंत उपाध्याय श्री 108 विरंजन सागर जी महाराज
क्रमशः
द्वारा -सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
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