अब होंगे सपने साकार भाग - 20
अब होंगे सपने साकार भाग -20
थोड़ा गुरूर भी ज़रूरी है जीने के लिए, ज्यादा झुक के मिलो तो दुनिया पीठ का पायदान बना देती है।
गिरना भी अच्छा है औकात पता चलती है बुरे समय में साथ चलने वाले कितने हैं, ये बात पता चलती है।
हौंसला मत हार गिरकर ऐ दोस्त, अगर यहाँ दर्द मिला है, तो दवा भी ज़रूर मिलेगी।
किसी ने मुझसे पूछा कि पूरी ज़िन्दगी में क्या किया, मैंने हँसकर जवाब दिया कि किसी के साथ मैंने धोखा नहीं किया।
जब भी तुम्हारा हौंसला आसमान तक जायेगा, याद रखना कोई न कोई तुम्हारे पंख काटने ज़रूर आयेगा।
भले ही जीवन भर अकेले रह लेना लेकिन जबरदस्ती किसी से रिश्ता निभाने की जिद मत करना।
पाँच चीजें अभी से छोड़ दो - 1. सबको खुश करना 2. दूसरों से ज्यादा उम्मीद करना 3. ज़िन्दगी में पास्ट में जीना 4. अपने आप को किसी और से कम समझना 5. बहुत ज्यादा सोचना।
एक बात हमेशा याद रखो कि किसी के सामने गिड़गिड़ाने से न तो इज्जत मिलती है और न ही मोहब्बत। इसलिए अपने स्वाभिमान को जिंदा रखो, कोई अगर किस्मत में होगा तो वो खुद आकर आपको मिलेगा।
शतरंज के शौकीन नहीं थे इसलिए धोखा खा गये, वो चाल पर चाल चलते रहे और हम रिश्ते निभाते रह गये।
अच्छा लगता है उन लोगों से बातें करना जो हमारे कुछ नहीं लगते हैं। फिर भी हमारे बहुत कुछ हैं। कम से कम वो मुझे अपना बनाने का ढोंग तो नहीं करते।
रचयिता - परम पूज्य जनसंत उपाध्याय श्री 108 विरंजन सागर जी महाराज
क्रमशः
द्वारा -सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
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