अब होंगे सपने साकार भाग - 14

अब होंगे सपने साकार भाग -14


सफलता के लिए इच्छा शक्ति चाहिए

  • सफलता के लिए इच्छा शक्ति चाहिए और इच्छा शक्ति के लिए उत्साह। उत्साह से किया गया हर कार्य सफलता का सुख देता है।

  • योजना धैर्य से बनाइये और काम पूरी गति से कीजिए। आप तब तक मत रुकिए जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए।

  • कोशिश तबीयत से की जाए तो पत्थर का छोटा सा कंकर भी आसमान में छेद कर सकता है।

  • अपना काम इस तरह कीजिए कि वह आपकी पहचान बन जाए।

  • याद रखिए कछुआ अपनी रफ्तार के कारण विजय प्राप्त नहीं करता वरन् लक्ष्य के प्रति निष्ठा ही उसकी सफलता का राज है।

  • हर मंजिल के रास्ते होते हैं, और हर रास्ते पर मुश्किलें। मन में अगर उमंग है तो विश्वास रखिये, जीत आपकी है।

  • सफलता और समृद्धि का अर्थ पैसा ही नहीं है। जीवन के सौ क्षेत्र हैं, स्वयं को हर ओर से पूर्णता दीजिए।

  • विपरीत वातावरण बन जाने पर भी स्वयं पर संयम और मन को सहज बनाए रखना जीवन की सबसे बड़ी सफलता है।

  • असफल होने पर भाग्य को कोसने की बजाय यह देखिए कि प्रबंधन कहाँ कमजोर रहा है क्योंकि एक कमजोर कड़ी पूरे जहाज को डुबो देती है।

  • जीवन का लक्ष्य बनाइये। बगैर लक्ष्य का व्यक्ति करता तो बहुत कुछ है पर पाता कुछ नहीं। घड़ी का पेंडुलम हिलता डुलता तो खूब है, पर पहुँचता कहीं नहीं।

  • इससे पहले कि कल आप पर कार्य का अतिरिक्त बोझ बढ़े, आप उसे आज ही करना शुरू कर दीजिए, प्रयास तब तक जारी रखिए जब तक आप उसके परिणाम से संतुष्ट न हो जाएँ।

  • आज तुम भले ही जीरो पर खड़े हो पर विश्वास रखो कि जीरो ही एक दिन हीरो बनता है।

 रचयिता - परम पूज्य जनसंत उपाध्याय श्री 108 विरंजन सागर जी महाराज

क्रमशः

।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

द्वारा -सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

विनम्र निवेदन

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धन्यवाद

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