जन-जन के संत भाग - 47

जन-जन के संत  भाग - 47

 

गुरु कृपा से बनते हैं सारे बिगड़े काम

राजधानी दिल्ली के निवासी हैं श्री महावीर प्रसाद जी। करोलबाग में उनकी चातुर्मास कलश लेने की तीव्र अभिलाषा थी। पर उनका एक व्यक्तिगत कार्य रुका हुआ था। वह उस कार्य के लिए 25 वर्ष से परेशान थे। उन्होंने गुरुदेव से कहा - मैं पिछले 25 वर्षों से इस कार्य के लिए परेशान हूँ, जिसके पूर्ण होने की बिल्कुल संभावना नहीं दिखाई दे रही है। ऐसे में मेरी मंगल कलश लेने की भावना स्थिर नहीं हो पा रही।

तब गुरुदेव ने मुस्कुराते हुए कहा - तुम पहले कलश लो। फिर देखना, सब ठीक हो जाएगा और आशीष दिया। गुरुदेव के कहने पर उन्होंने 5 लाख की बोली लेकर कलश ले लिया। ठीक 15 दिवस उपरांत उनका जो कार्य 25 वर्ष से अटका हुआ था, वह स्वतः ही सम्पन्न हो गया और उन्हें 1 करोड़ रुपये का व्यवसायिक फायदा हुआ।

महावीर प्रसाद जी की प्रसन्नता जैसे सातवें आसमान पर पहुंच गई हो। गुरु वचन और गुरु मुख ने निकले हुए शब्दों पर पूर्ण श्रद्धा से हर बिगड़ा कार्य भी बन जाता है। वाकई गुरुदेव की लीला अपरंपार है।

हितकारी गुरुदेव हैं, करते नहीं निराश,

कष्ट दूर होगा अगर, है गुरु पर विश्वास।

लेखक कवि डॉ. अखिल जैन आनंद

सागर (म.प्र.)

मो. 91 93009 34766

क्रमशः

।। ओऽम् श्री महावीराय नमः ।।

द्वारा -सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

🙏🙏🙏

विनम्र निवेदन

यदि आपको यह लेख प्रेरणादायक और प्रसन्नता देने वाला लगा हो तो कृपया comment के द्वारा अपने विचारों से अवगत करवाएं और दूसरे लोग भी प्रेरणा ले सकें इसलिए अधिक-से-अधिक share करें।

धन्यवाद


  

Comments

Popular posts from this blog

अब होंगे सपने साकार भाग - 21

अब होंगे सपने साकार भाग -10

अब होंगे सपने साकार भाग -17