जन-जन के संत भाग - 46
जन-जन के संत भाग - 46
गुरु उपकार से सूख गया फेफड़ों का पानी
सागर मध्यप्रदेश निवासी डॉ. आनंद जैन, जिनका पूरा परिवार परम् मुनि भक्त है, कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना से संक्रमित होकर अस्पताल में भर्ती हो गए। ईश्वर की असीम कृपा से कोरोना के वायरस को मात देकर वह सुरक्षित घर आ गए। किन्तु वायरस ने शरीर के अंदर कुछ ऐसा संक्रमण दिया कि उनके फेफड़ों में पानी (प्लूरल इफ्यूशिन) भरने लगा।
मध्यप्रदेश के सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार लिया। पर फेफड़ों में पानी भरना बंद न हुआ। स्थानीय चिकित्सकों ने बीमारी की खतरनाक स्थिति का पूर्व अंदाज लगाकर किसी बड़े अस्पताल में जांच और उपचार की सलाह दी। तब परिवार जन, तुरंत उन्हें फेफड़ो के विश्व विख्यात यशोदा अस्पताल हैदराबाद ले गए,वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों के दल ने उनकी पूरी जांच पड़ताल की और दस दिन भर्ती रखा।
दो सर्जरी हुई पर बीमारी और फेफड़ों में पानी आने की वजह न तलाश पाए, तब हैदराबाद से परिवार जन ने पूज्य गुरुदेव को खबर पहुंचाई। गुरुदेव ने आशीष देकर वापिस गृहनगर सागर आने की बात कही और कहा - जब इतने बड़े अस्पताल में इतने बड़े चिकित्सकों के दल को बीमारी समझ न आई, तो अब कुछ मत करो और सागर आओ। उन्हें कुछ नहीं होगा। वे पूर्ण स्वस्थ हो जायेंगे।
और उनके मुंह से निकले वचनों में जैसे संजीवनी छिपी हो, जहां चिकित्सीय विज्ञान कार्य नहीं कर पाया, वहां गुरु का आशीष और उनके वचनों ने संजीवनी की तरह कार्य किया। आज डॉ. आनंद जैन जी पूर्ण स्वस्थ होकर धर्म ध्यान में जुटकर संतों की सेवा में जुटे हुए हैं। यह है असली गुरुकृपा।
हार गया विज्ञान जब, गुरु ने थामी डोर,
गुरुवर के दुःख पान का, ओर न कोई छोर।
लेखक कवि डॉ. अखिल जैन आनंद
सागर (म.प्र.)
मो. 91 93009 34766
क्रमशः
द्वारा -सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
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