जन-जन के संत भाग - 43
जन-जन के संत भाग - 43
घुटने टेके कर्क (कैंसर) रोग ने
मढ़देवरा निवासी मनीष जैन जी परम गुरु भक्त हैं। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सोना जैन को चिकित्सक ने कैंसर बताया। उन्होंने सभी बड़े अस्पतालों में दिखायाए पर उन्हें आराम नहीं मिला और संक्रमण बढ़ता चला गया। उसी समय गुरुदेव बड़ामलहरा में विराजमान थे। तब उनका पूरा परिवार गुरुदेव के दर्शन को पहुँचा। गुरुदेव को पूरी समस्या बताई। गुरुदेव ने सुनकर आशीष देते हुए 21 दिन का समय दिया और कहा कि आप ठीक हो जायेगी।
दिये गए समय उपरांत जैसे चमत्कार हुआ हो। वे पूर्ण स्वस्थ होकर धर्म ध्यान में जुट गईं। मनीष जैन जी कहते हैं - उनकी धर्मपत्नी आज गुरुकृपा से ठीक हुई हैं, और उनके आशीष उपरांत आज वे पूर्ण स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रही हैं। उनके पूरे परिवार पर गुरुजी की कृपा और आशीष है। वे कहते हैं कि गुरु के आशीष से बड़ा कुछ नहीं है। हम गुरु के इस उपकार का ऋण कभी नहीं चुका पाएँगे।
कर्क रोग भी हारकर, भाग गया चुपचाप,
गुरुकृपा की थाह ना, गुरु का बड़ा प्रताप।
लेखक कवि डॉ. अखिल जैन आनंद
सागर (म.प्र.)
मो. 91 93009 34766
क्रमशः
द्वारा -सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
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