जन-जन के संत भाग - 37
जन-जन के संत भाग - 37
गुरु के उपकार या चमत्कार
चमत्कार कहें या उपकार, परंतु पूज्य गुरुदेव के पास कठिन त्याग, तपस्या और संयम के कारण एक ऐसी सकारात्मक ऊर्जा है, जो उनके भक्तों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें परेशानियों पीड़ा से मुक्ति दिलाती है। सुनने में पढ़ने में थोड़ा आश्चर्य हो सकता है किन्तु पूज्य गुरुदेव के भक्तों के जीवन मे उनके मंगल आशीष से कई समस्याएं हल हुई हैं, जिन्हें भक्त, चमत्कार कहते हैं।
चमत्कार हो या गुरु का उपकार, पर जो भी है गुरु की इस कृपा से भक्तों को खुशियां मिली तो अनेकों को नव जीवन। भक्त स्वयं आपबीती बताते हुए प्रसन्न होते हैं। गुरु की महिमा का बखान करते हैं और गुरु के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं। वहीं पूज्य गुरुदेव से ये घटनाएं और सीधे शब्दों में कहें, तो चमत्कार पूछने पर वह मुस्करा देते हैं, मौन हो जाते हैं और कहते हैं - सब पार्श्वनाथ जी की कृपा है। वे ही सब करने वाले हैं। मैं तो निमित्त हूँ।
उनका मुस्कराहट भरा मौन बहुत कुछ कह जाता है। गुरु कृपा से संभव हुए कुछ समाधान कुछ घटनाओं और गुरु की महिमा को शाब्दिक सौंदर्य देने की कोशिश की है, जो कि पूर्णतः प्रमाणिक करके, लाभान्वित व्यक्ति से पूर्ण संवाद करके तथा पूर्ण जानकारी लेकर टंकित की जा रही हैं। तो आइए पढ़ते हैं गुरु कृपा द्वारा सम्भव हुए कुछ कार्य, जिनसे भक्तों के चेहरों पर और परिवार में खुशियां आई।
चमत्कार के नाम पर, हो जाते हैं मौन,
गुरुवर अब तो बोलिये, सत्य-आप हैं कौन।
लेखक कवि डॉ. अखिल जैन आनंद
सागर (म.प्र.)
मो. 91 93009 34766
क्रमशः
द्वारा -सरिता जैन
सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका
हिसार
🙏🙏🙏
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