इच्छाएं अगले जन्म को निमंत्रण देती हैं

इच्छाएं अगले जन्म को निमंत्रण देती हैं

(परम पूज्य उपाध्याय श्री विरंजनसागर महाराज की लेखनी से)

हमारा जन्म पूर्व कृत्यों का ही शुभ फल अथवा कुफल है। हमारे जन्म से लेकर मरण तक जैसे अच्छे या बुरे कर्म होते हैं, वैसे ही स्थान व गति में हमारा जन्म होता है अर्थात् जैसा पिछले जन्म में बोया है, वैसे ही फल-फूल इस जन्म में देखने को मिलेंगे। संसारी आत्मा का जन्म इच्छाओं के सम्मोहन से होता है। मरण के समय व्यक्ति की जो आकांक्षाएं, इच्छाएं और वासनाएं आदि होती हैं, उन्हीं के अनुसार अगले जन्म की प्राप्ति होती है। अंतिम वासना का परिणाम अगले जन्म का परिणाम बनता है। जैसे खाना खाना है, मकान बनाना है, शादी करनी है, धन कमाना है, मित्रता निभानी है, शत्रुओं को मारना है, मुकदमा जीतना है, यह अतृप्त इच्छाएं, अतृप्त वासनाएं पुनः उसी प्रकार के जन्मों की ओर ले जाती हैं।

रात को सोते समय जो विचार होते हैं, प्रातः उठने पर वही विचार हमारे सामने आते हैं। पहले जन्म के मरण की अंतिम वासना अगले जन्म की प्रथम कामना बन जाती है। इच्छाएं नए जन्म को निमंत्रण देती हैं। उसी निमंत्रण के अनुसार हमारा अगला जन्म हो जाता है और हम पुनः उन्हीं कामनाओं, वासनाओं, इच्छाओं, आकांक्षाओं के गुलाम बन जाते हैं। बस यही क्रम जन्म दर जन्म चलता जाता है। हम इन बंधनों से कभी मुक्त नहीं हो पाते हैं।

इंसान एक बंधन से मुक्त होता है तो अनेक नए बंधनों को स्वीकार कर लेता है। इंसान बंधन बांधने व बंधन खोलने के लिए स्वतंत्र है, किंतु वह पशु की भांति बंधन में बंधता चला जाता है। पशु अपने बंधन बांधने और बंधन से मुक्ति पाने में परतंत्र है। उसे मालिक की इच्छा के अनुसार चलना पड़ता है। हाँ! इतना अवश्य है कि कुछ पशु परतंत्र नहीं, स्वतंत्र होते हैं। जिनका कोई मालिक नहीं होता। क्या तुम्हें ज्ञात है कि ऐसे पशु कौन होते हैं? ऐसे पशु साण्ड के समान होते हैं। इसी प्रकार कुछ मानव भी स्वयं को साण्ड की तरह स्वतंत्र मानते हैं। जिनके जीवन में संयमित आचरण नहीं होता, ऐसे इंसान के गले में आचरण के स्थान पर जानवरों की भांति आकांक्षाओं, इच्छाओं की रस्सी बंधी होती है। जैसे ग्वाला जानवरों को रस्सी पकड़ कर खींचता है, वैसे ही इच्छाएं आपको खींचती हैं और भाव-भ्रमण की यात्रा करवाती हैं।

ओऽम् शांति सर्व शांति!!

विनम्र निवेदन

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धन्यवाद।

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सरिता जैन

सेवानिवृत्त हिन्दी प्राध्यापिका

हिसार

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